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साहित्य, कला, और डिज़ाइन

राष्ट्रीय संगोष्ठी : डिंगल काव्य परम्परा और सामयिक संदर्भ 12-13 फ़रवरी 2014

chauhan

राजस्थान के डिंगल में रासो और वीर गाथा रचानेवाले चारण हिन्दी साहित्य के इतिहास में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं ; फिर भी आजकल उनके काव्य पर बहुत कम शोध कार्य हो रहा है ।  इस अभाव की पूर्ती के लिये जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय ने मध्यकालीन डिंगल साहित्य पर दो दिन का सम्मेलन आयोजित किया है ।

डिंगल ग्रंथ, ग्रंथकार, डिगंल काव्य से संबंधित ललित व प्रदर्शन कलाएँ एवं सामयिक संदर्भों पर लेख प्रस्तुत करने के लिये विद्वान और शोध छात्र आमंत्रित हैं ।  अतिरिक्त जानकारी पाने के लिये यहाँ क्लिक करें ।

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2 comments on “राष्ट्रीय संगोष्ठी : डिंगल काव्य परम्परा और सामयिक संदर्भ 12-13 फ़रवरी 2014

  1. Prem Singh
    जनवरी 24, 2014

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This entry was posted on जनवरी 24, 2014 by .

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